1 जनवरी 2025 - 12:20
दुनिया के अजीब रंग

दुनिया उसे दार्शनिक और ज्ञानी बना देती है; और अगर वह उसे हासिल करने के मक़सद से देखता है, तो अंधा बना देती है।

 امیرالمؤمنين علی عليه السلام:

مَن أبصَرَ بِها الدنّیا بَصَّرَتهُ وَ مَن أبصَرَ إلَیها أعمَتهُ؛

بحار الانوار، جلد ۷۰، صفحہ ۱۔

अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अ.स.:

जो दुनिया को सीखने की नज़र से देखता है, तो दुनिया उसे  दार्शनिक और ज्ञानी बना देती है; और अगर वह उसे हासिल करने के मक़सद से देखता है, तो अंधा बना देती है।